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Our History

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United Private Hospitals and Directors Association (UPHDA) was born out of a shared need among private healthcare providers to come together under one united platform. The foundation of UPHDA was laid by a group of visionary doctors and hospital administrators in July 2022 who recognised the challenges faced by private hospitals in policy representation, reimbursement delays, compliance with changing government norms, and lack of collective voice.
What began as an informal dialogue among a few hospitals has today grown into a powerful, structured body representing hundreds of private hospitals and diagnostic centers across Madhya Pradesh. UPHDA formally took shape in response to the increasing gap between healthcare policymakers and private practitioners, especially during critical times such as the COVID-19 pandemic, when coordination and representation became vital.
From addressing issues related to Ayushman Bharat scheme implementation, ensuring timely payments, pushing for fair SOPs, to raising voice against unjust penalties and regulatory hurdles—UPHDA has emerged as the trusted shield and voice of private
hospitals. Our consistent efforts have also led to greater recognition of private sector contributions in public health delivery and policy consultations.
Over time, UPHDA has built a reputation for integrity, advocacy, and action. It has successfully organised multiple conferences, health camps, policy dialogues, and capacity-building programs across the state. Today, UPHDA is not just an association—it is a movement towards ensuring respect, recognition, and rightful support for the private healthcare sector.

हमारा इतिहास

यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड संचालक एसोसिएशन (UPHDA) की स्थापना जुलाई 2022 में उन दूरदर्शी डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासकों के एक समूह द्वारा की गई, जिन्होंने यह महसूस किया कि निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के सामने नीति-निर्माण में भागीदारी की कमी, भुगतान में देरी, बदलते सरकारी नियमों के अनुपालन में कठिनाई और एकजुट आवाज़ की कमी जैसी अनेक चुनौतियाँ हैं। कुछ अस्पतालों के बीच एक अनौपचारिक चर्चा के रूप में शुरू हुआ यह विचार आज एक संगठित और प्रभावशाली संस्था बन चुका है, जो मध्यप्रदेश के सैकड़ों निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स का प्रतिनिधित्व कर रही है। UPHDA ने एक मजबूत संगठन के रूप में तब आकार लिया जब कोविड-19 जैसी आपदा में यह स्पष्ट हो गया कि स्वास्थ्य नीति निर्माताओं और निजी चिकित्सकों के बीच समन्वय और प्रतिनिधित्व बेहद आवश्यक है। चाहे बात हो आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं की, समय पर भुगतान की, उचित एसओपी लागू कराने की, या फिर अन्यायपूर्ण दंड और नियमों के विरुद्ध आवाज़ उठाने की — UPHDA ने निजी अस्पतालों की एक विश्वसनीय ढाल और आवाज़ के रूप में खुद को स्थापित किया है। हमारे निरंतर प्रयासों के कारण आज निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के योगदान को सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और नीति संवाद में अधिक मान्यता और सम्मान मिल रहा है। समय के साथ, UPHDA ने ईमानदारी, पक्षधरता और प्रभावशाली कार्य के लिए एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हमने राज्यभर में कई सम्मेलन, स्वास्थ्य शिविर, नीतिगत संवाद और क्षमतावर्धन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं। आज, UPHDA केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक आंदोलन है — जो निजी स्वास्थ्य क्षेत्र को सम्मान, पहचान और न्यायपूर्ण सहयोग दिलाने की दिशा में लगातार अग्रसर है।

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